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आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, जलती सिगरेट से शरीर दागा गया और बाल काट दिए गए
कोलकाता। इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की आड़ में पोर्न फिल्में बनाने और लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सोदपुर की रहने वाली एक 23 वर्षीय युवती को काम देने के बहाने फुसलाकर न सिर्फ बार डांसर का काम कराया गया, बल्कि उसे जबरन एक सेक्स रैकेट और पोर्नोग्राफी रैकेट में धकेलने की भी कोशिश की गई। घटना की जड़ हैं डोमजुड़ के रहने वाले आर्यन खान और उसकी मां श्वेता खान, जिसे इलाके में लोग 'फुलटुसीÓ के नाम से जानते हैं। दोनों मां-बेटा अब फरार हैं और पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इलाके में इन दोनों के खिलाफ पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन कभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। सोदपुर की रहने वाली युवती नौकरी की तलाश में थी।
इसी दौरान उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के ज़रिए आर्यन खान से हुई, जिसने खुद को एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़ा बताया। उसने युवती को बताया कि कंपनी में मॉडलिंग और इवेंट कोऑर्डिनेशन का काम है और अच्छी कमाई होगी। काम के झांसे में आकर युवती डोमजुड़ पहुंची, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके होश उड़ गए। उसे बताया गया कि अब उसे एक पब में डांसर के तौर पर काम करना होगा। जब उसने इनकार किया, तो उस पर जबरन अश्लील वीडियो और सेक्स रैकेट में शामिल होने का दबाव डाला गया। युवती के इनकार करने पर उसकी यातनाओं का सिलसिला शुरू हो गया। उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया, जबरन घरेलू काम कराए गए।
आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, जलती सिगरेट से शरीर दागा गया और बाल काट दिए गए। किसी तरह जान बचाकर वह भागने में सफल हुई, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्वेता खान उर्फ फुलटुसी के पास खुद का एक प्रोडक्शन हाउस था, जिसमें 'रील्स' बनाने के नाम पर 'सॉफ्ट पोर्नोग्राफीÓ शूट होती थी। वह और उसका बेटा युवतियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर लाते, फिर पहले डांस बार और फिर अश्लील फिल्में और देह व्यापार में जबरन धकेल देते। इतना ही नहीं, श्वेता पर घर में अवैध हथियार रखने के भी आरोप हैं।
पुलिस में इन दोनों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज हुई थीं, लेकिन किसी अदृश्य शक्ति के चलते आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी गुस्सा है। लोगों की मांग है कि पुलिस तुरंत श्वेता और आर्यन को गिरफ्तार करे और इस गंदे धंधे की तह तक जाकर कार्रवाई करे। लेकिन फिलहाल पुलिस ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और मिलीभगत पर सवाल खड़े करता है। अब जब मामला सार्वजनिक हुआ है, देखना है कि प्रशासन और कानून इस 'फुलटुसी गैंग' पर नकेल कसता है या फिर मामला दबा दिया जाएगा।
खरदह और डोमजुड़ पुलिस की टीम ने शनिवार को संयुक्त छापेमारी की, लेकिन आरोपी अभी तक पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में दर्ज एफआईआर के तहत कई संगीन धाराएं जोड़ी गई हैं, जिनमें बंधक बनाना, बल प्रयोग, यौन उत्पीडऩ और हत्या का प्रयास शामिल हैं।